अपने आपको दुनिया का सुपर पॉवर कहने वाला देश अमरीका इन दिनों अपने इतिहास के सबसे सख़्त और कठिन दौर से गुज़र रहा है। अमरीकी सीनेट की तरफ़ से सरकारी ख़र्चों पर बातचीत के लिये संसद द्वारा रिपब्लिकन सदस्यों के सुझाव को अस्वीकार करने की वजह से अमरीका के सरकारी आफ़िसों में ताले पड़ गए हैं, 8 लाख लोग बिना सैलरी के घर पर बैठ गए हैं।पार्क, चिड़याघर और घूमने की जगहें भी बंद हैं। इसके अतिरिक्त आंतरिक्ष संस्था नासा भी आंशिक रूप से बंद है। शट डाउन की वजह से न सिर्फ़ पेंशन मिलने में देरी हो रही है बल्कि वीज़ा और पासपोर्ट के आवेदनों पर भी कार्यवाही में कठिनाई आ जाएगी। पिछले 70 सालों में यह पहला अवसर है जिससे अमरीका इस समय गुज़र रहा है।आर्थिक जानकारों का मानना है कि बंद विभाग दोबारा बहाल करने में 2 अरब डॉलर का ख़र्च होगा।
4 अक्टूबर 2013 - 20:30
समाचार कोड: 469808
अपने आपको दुनिया का सुपर पॉवर कहने वाला देश अमरीका इन दिनों अपने इतिहास के सबसे सख़्त और कठिन दौर से गुज़र रहा है।